अगर आप साल 2026 में एक नई कार खरीदने की सोच रहे हैं, या नौकरी के सिलसिले में आपको अक्सर एक राज्य से दूसरे राज्य में शिफ्ट होना पड़ता है, तो आपके दिमाग में BH Series (Bharat Series) नंबर प्लेट का ख्याल जरूर आया होगा। इंटरनेट पर आपको नियमों की लंबी-चौड़ी लिस्ट तो मिल जाएगी, लेकिन हकीकत क्या है?
मेरा रियल एक्सपीरियंस: भुवनेश्वर (Bhubaneswar) से BH Series नंबर प्लेट लेने की पूरी कहानी
मैं भारतीय सेना (Defence) में कार्यरत हूँ और वर्तमान में मेरी पोस्टिंग भुवनेश्वर (ओडिशा) में है। जब मैंने अपनी नई Maruti Ertiga VXI CNG कार खरीदने का मन बनाया, तो मेरे सामने सबसे बड़ा सवाल रोड टैक्स और भविष्य में होने वाले ट्रांसफर को लेकर था। चूंकि डिफेंस कर्मियों का ट्रांसफर अक्सर होता रहता है, इसलिए मैंने बिना किसी संकोच के BH Number Plate (Bharat Series) लेने की योजना बनाई।
कई लोगों ने मुझे डराया था कि आरटीओ के चक्कर काटने पड़ेंगे और डिफेंस वालों के लिए भी यह प्रोसेस मुश्किल होता है। लेकिन जब मैंने खुद इस प्रक्रिया को पूरा किया, तो यह बेहद आसान निकला। नीचे मैं आपको स्टेप-बाय-स्टेप बता रहा हूँ कि मैंने यह नंबर प्लेट कैसे हासिल की:
स्टेप 1: मैंने ये जरूरी डॉक्यूमेंट्स तैयार किए (My Checklist)
डिफेंस कोटे से बीएच सीरीज अप्लाई करने के लिए मैंने सबसे पहले अपने निम्नलिखित दस्तावेज एक साथ रखे:
- आधार कार्ड (Aadhar Card) और पैन कार्ड (PAN Card)
- कैंटीन स्मार्ट कार्ड (Canteen Smart Card)
- डिफेंस ऑफिस का ‘To Whom So Ever’ लेटर: यह सबसे महत्वपूर्ण डॉक्यूमेंट है। यह एक ऑफिशियल लेटर होता है, जिस पर आपके डिफेंस ऑफिस के कमांडिंग ऑफिसर या अधिकृत अधिकारी के हस्ताक्षर (Sign) और मुहर (Stamp) होती है, जो प्रमाणित करता है कि आप रक्षा विभाग में कार्यरत हैं।
स्टेप 2: भुवनेश्वर आरटीओ (Bhubaneswar RTO) का चक्कर और ऑनलाइन ट्विस्ट
सारे डॉक्यूमेंट्स लेकर मैं खुद भुवनेश्वर आरटीओ ऑफिस पहुंचा। वहाँ मुझे एक नया नियम पता चला। आरटीओ अधिकारियों ने मुझसे कहा कि सबसे पहले मुझे अपने सभी डॉक्यूमेंट्स का एक मर्ज्ड PDF (Merged PDF) बनाना होगा और उसे भुवनेश्वर आरटीओ की ऑफिशियल ईमेल आईडी पर मेल करना होगा। मैंने तुरंत अपने फोन से पीडीएफ बनाकर उन्हें ईमेल कर दिया।
स्टेप 3: फिजिकल वेरिफिकेशन और असिस्टेंट आरटीओ (Asst. RTO) से मुलाकात
ईमेल करने के ठीक 10 मिनट बाद, मुझे अंदर से आवाज आई और फिजिकल वेरिफिकेशन के लिए बुलाया गया। मैं आरटीओ ऑफिस के अंदर गया, जहाँ असिस्टेंट आरटीओ (Asst. RTO) साहब बैठे थे। उन्होंने बहुत ही बारीकी से मेरे सभी ओरिजिनल डॉक्यूमेंट्स और साथ ही मेरा डिफेंस आईडी कार्ड (ID Card) चेक किया।
सब कुछ सही पाए जाने पर, उन्होंने मेरे ‘To Whom So Ever’ लेटर पर अपनी साइन की और APPROVED का स्टैम्प (मुहर) लगा दिया।

स्टेप 4: कार डीलर का रोल और परिवहन पोर्टल पर एंट्री
असिस्टेंट आरटीओ से अप्रूवल मिलने के बाद, मैं आरटीओ के मुख्य कार्यालय (क्लर्क काउंटर) में गया। वहाँ मौजूद स्टाफ ने मुझसे कहा, “अब आपका काम यहाँ से हो गया है। आप इस अप्रूव्ड लेटर का एक साफ पीडीएफ बनाएं और अपने कार डीलर (Maruti Showroom) को भेज दें।”
मैंने तुरंत अपने डीलर को वह पीडीएफ व्हाट्सएप/मेल कर दी। डीलर ने उस अप्रूवल लेटर को सरकारी परिवहन (Parivahan) पोर्टल पर अपलोड करके गाड़ी के चेसिस नंबर के साथ बीएच सीरीज के लिए ऑनलाइन अप्लाई कर दिया। https://parivahan.gov.in/
स्टेप 5: पेमेंट लिंक और चमचमाता हुआ ’26 BH’ नंबर
डीलर के अप्लाई करने के ठीक 2 दिन बाद, मेरे पास परिवहन विभाग की तरफ से पहले 2 साल का रोड टैक्स भरने का Payment Link आया। मैंने ऑनलाइन नेट बैंकिंग/यूपीआई के जरिए भुगतान (Payment) कर दिया।
पेमेंट सक्सेसफुल होने के महज 2 से 3 दिन के भीतर भुवनेश्वर आरटीओ ने मेरा नंबर जेनरेट कर दिया और मुझे मेरी अर्टिगा के लिए 26 BH XXXXX सीरीज की नंबर प्लेट मिल गई! (यहाँ 26 का मतलब साल 2026 में हुआ रजिस्ट्रेशन है)।
इस पूरे अनुभव से मेरे पाठकों के लिए 3 जरूरी सलाह (My Tips for You)
अगर आप भी 2026 में बीएच नंबर प्लेट लेने की सोच रहे हैं, तो मेरी इन बातों का खास ध्यान रखें:
- डीलर को पहले बताएं: जब आप कार बुक कर रहे हों, तभी शोरूम वाले को बता दें कि आपको BH प्लेट चाहिए, ताकि वो साधारण नंबर प्लेट की फाइल न बनाए।
- डॉक्यूमेंटेशन सॉलिड रखें: आपका ‘To Whom So Ever’ लेटर या प्राइवेट वालों का ‘Form 60’ एकदम साफ और सही साइन के साथ होना चाहिए। आरटीओ में आईडी कार्ड की गहराई से जांच होती है।
- एर्टिगा सीएनजी का फायदा: बीएच सीरीज की वजह से मुझे अर्टिगा जैसी बड़ी 7-सीटर कार के लिए एक साथ ₹1 लाख से ऊपर का रोड टैक्स नहीं देना पड़ा, बल्कि सिर्फ हर 2 साल का थोड़ा सा टैक्स देकर मेरी गाड़ी रोड पर आ गई। New Car PDI Checklist: गाड़ी की डिलीवरी लेने से पहले ये चीजें ज़रूर चेक करें, वरना होगा बड़ा नुकसान!
BH Series नंबर प्लेट से जुड़े अक्सर पूछे जाने वाले सवाल (FAQs)
Q1. 2 साल पूरे होने के बाद दोबारा BH Series का रोड टैक्स ऑनलाइन कैसे भरें?
- उत्तर: इसके लिए आपको किसी आरटीओ या डीलर के पास जाने की जरूरत नहीं है। आप सीधे सरकारी परिवहन सेवा (Parivahan Sewa) की वेबसाइट पर जाएं। वहाँ Vehicle Related Services को चुनें, अपना राज्य और गाड़ी का BH नंबर दर्ज करें। इसके बाद आपको Pay Your Tax का विकल्प मिलेगा, जहाँ आप नेट बैंकिंग, डेबिट कार्ड या यूपीआई (UPI) के जरिए अगले 2 साल का टैक्स आसानी से ऑनलाइन जमा कर सकते हैं।
Q2. अगर मेरा ट्रांसफर किसी ऐसे राज्य में हो जाए जहाँ BH सीरीज लागू नहीं है, तो क्या होगा?
- उत्तर: BH सीरीज एक केंद्रीय (Central) नियम है जो पूरे भारत के लिए मान्य है। एक बार आपको BH नंबर प्लेट मिल जाने के बाद, आप भारत के किसी भी राज्य या केंद्र शासित प्रदेश (UT) में बिना किसी रोक-टोक या दोबारा रजिस्ट्रेशन के गाड़ी चला सकते हैं। आपको बस हर 2 साल में अपना टैक्स ऑनलाइन अपडेट रखना होगा।
Q3. क्या पुरानी सामान्य नंबर प्लेट (जैसे OD, DL, MH) वाली कार को BH सीरीज में बदला जा सकता है?
- उत्तर: हाँ, सरकार के नए नियमों के अनुसार अब पुरानी गाड़ियों को भी BH सीरीज में बदला जा सकता है। इसके लिए गाड़ी के मालिक का बीएच सीरीज के लिए पात्र (Eligible) होना जरूरी है। आपको परिवहन पोर्टल पर ऑनलाइन आवेदन करना होगा और अपने वर्तमान राज्य के आरटीओ में जाकर पुरानी सीरीज को सरेंडर करके बीएच सीरीज के लिए अप्रूवल लेना होगा। पहली बार कार खरीदने जा रहे हैं? शोरूम जाने से पहले जान लें ये 5 ज़रूरी बातें, नहीं तो होगा बड़ा नुकसान

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